छत्तीसगढ़

ग्रामीण अंचलों में प्लास्टिक कचरे पर लगाम, 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत अनोखी पहल

Shantanu Roy
30 Jun 2026 11:45 PM IST
ग्रामीण अंचलों में प्लास्टिक कचरे पर लगाम, स्वच्छ भारत मिशन के तहत अनोखी पहल
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MCB. एमसीबी। ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत चनवारीडांड स्थित प्लास्टिक मैनेजमेंट यूनिट एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है। यहां ग्राम पंचायतों से नियमित रूप से प्लास्टिक अपशिष्ट का संग्रहण कर उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण किया जा रहा है, जिससे प्लास्टिक कचरा अब पर्यावरण के लिए खतरा नहीं बल्कि उपयोगी संसाधन बनता जा रहा है।

प्लास्टिक मैनेजमेंट यूनिट की टीम निर्धारित कार्यक्रम के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में पहुंचकर घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों से प्लास्टिक कचरा एकत्रित करती है। इसके बाद संग्रहित प्लास्टिक को यूनिट में लाकर अत्याधुनिक श्रेडिंग मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में परिवर्तित किया जाता है। प्रसंस्करण के बाद इस प्लास्टिक का उपयोग पुनर्चक्रण एवं अन्य उपयोगी कार्यों में किया जाता है, जिससे प्लास्टिक अपशिष्ट का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हो रहा है।

यह पहल न केवल ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बना रही है, बल्कि ग्रामीणों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रही है। इससे गांवों में फैला प्लास्टिक कचरा कम हो रहा है, स्वच्छ वातावरण का निर्माण हो रहा है और प्लास्टिक प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे प्लास्टिक कचरे को अन्य घरेलू कचरे से अलग रखें तथा उसे पंचायत या प्लास्टिक मैनेजमेंट यूनिट को सौंपें। जनसहभागिता से यह अभियान और अधिक प्रभावी बनेगा तथा "स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव" के संकल्प को नई मजबूती मिलेगी।
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